कथाव्यास दीपक कृष्ण शास्त्री ने राम नाम के महत्व को बताया


 कथाव्यास दीपक कृष्ण शास्त्री ने राम नाम के महत्व को बताया

रिपोर्ट:- आर के मिश्रा

परसपुर गोण्डा।। विकास खण्ड परसपुर अन्तर्गत पूरे धिरजा मिश्र स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में अयोजित श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथा व्यास दीपक कृष्ण शास्त्री जी ने राम नाम की महिमा का बहुत ही सुंदर वर्णन किया।उन्होंने कहा कि भगवान राम भी राम नाम के महिमा के बारे में नही बता सकते है।त्रेतायुग में विभीषण ने राम नाम का जप किया तो परिणाम यह हुआ कि सभी राक्षसों के मारे जाने के पश्चात उसे लंका का राजा बना दिया गया।उधर हनुमान जी महाराज ने राम नाम जप करने के लिये भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त रहे राजा अम्बरीक को निर्देशित किया राजा अम्बरीक द्वारा राम नाम का जप करने से राम के द्वारा राजा अम्बरीक के प्राण लेने का लिये भेजे गए बाण को भी बिना बध किये ही बैरंग वापस लौटना पड़ा यह होती है राम नाम की महिमा।


इस दौरान कथावाचक ने तर्क व कुतर्क की बहुत सुंदर व्याख्या करते हुए कहा कि तर्क का मतलब है किसी बात को लेकर चर्चा परिचर्चा समझने अथवा समझाने के लिये की जाये, और कुतर्क का मतलब है कि किसी की बात को न् मानना चाहे वह अच्छी बात हो या बुरी बात हो।उन्होंने कहा कि कुतर्क चूहे का स्वरूप है।चूहे को इससे मतलब नही है कि आपके कपड़े नये है अथवा पुराने इससे आपको फायदा होगा या फिर नुकसान चूहे का काम है कुतरना सो वह करता है।चूहा भगवान गणेश की सवारी है भगवान गणेश विवेक के देवता है। अर्थात कुतर्की के ऊपर यदि विवेक सवार हो जाये तो कुतर्की सीधा रहता है।


   यज्ञाचार्य पं केदारनाथ मिश्रा ने श्री सरस्वती महायज्ञ के दौरान सभी धर्मानुरागी बंधुओं, क्षेत्रवासियों से अपील करते हुये कहा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में यज्ञस्थल पर पहुंचकर यज्ञमण्डप की 108 परिक्रमा करते हुये अपने मानव जीवन को सफल बनाएं,सायंकालीन बेला में कथा पंडाल में पहुंचकर श्रीराम कथा का रसास्वादन करें।


     इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजक देवेन्द्र दत्त मिश्रा,मिथलेश मिश्रा, संजय पाण्डेय, सहित अन्य श्रोतागण मौजूद रहे।

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