राजापुर तुलसीधाम में तुलसी जयंती पर भव्य गोष्ठी, जन्मस्थली को मान्यता दिलाने की उठी मांग
राजापुर तुलसीधाम में तुलसी जयंती पर भव्य गोष्ठी, जन्मस्थली को मान्यता दिलाने की उठी मांग
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर गोण्डा।। भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने वाले महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती के अवसर पर सूकर क्षेत्र स्थित तुलसीधाम राजापुर में भव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अगुवाई डॉ. स्वामी भगवताचार्य ने की, जिसमें वक्ताओं ने तुलसीदास जी के साहित्यिक योगदान के साथ-साथ उनकी जन्मस्थली को मान्यता दिलाने पर बल दिया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रमोद मिश्र ने कहा कि डॉ. स्वामी भगवताचार्य जी के सतत प्रयासों से राजापुर तुलसीधाम अपनी ऐतिहासिक गरिमा पुनः प्राप्त कर रहा है। उन्होंने बताया कि तुलसीदास जी की जन्मस्थली को लेकर साक्ष्यों सहित अदालत में मामला विचाराधीन है, और शीघ्र ही इसे शैक्षिक पाठ्यक्रमों में स्थान मिलेगा।
परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तुलसीधाम को जो आर्थिक सहायता दी जा रही है, वह 'कर्मभूमि' नहीं बल्कि 'जन्मस्थली' के रूप में दी जानी चाहिए।
साहित्यकार डॉ. हनुमान प्रसाद दुबे ने तुलसीदास जी के जीवन यात्रा का वर्णन करते हुए उनके अयोध्या और काशी प्रवास की घटनाओं को साझा किया।
मुख्य अतिथि बलरामपुर जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने डॉ. भगवताचार्य के प्रयासों की सराहना की और तुलसी जन्मस्थली के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी ने कहा कि आने वाले समय में जैसे अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि के रूप में वैश्विक आस्था का केंद्र बनी है, वैसे ही राजापुर भी तुलसी जन्मभूमि के रूप में विश्व मानचित्र पर उभरेगा।
डॉ. स्वामी भगवताचार्य ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए बताया कि तुलसी जन्मभूमि न्यास और सनातन धर्म परिषद इस दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
उक्त कार्यक्रम में रामकुमार सोनी, सांवल चौधरी, संत श्रीराम अभिलाख दास, कन्हैया लाल पाण्डेय सहित अन्य वक्ताओं ने भी तुलसीदास जी के जीवन और योगदान पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संत जुगल शरण महाराज, गंगा प्रसाद गुप्ता, अर्जुन सिंह, राजेंद्र सोनी समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु व ग्रामवासी उपस्थित रहे।


