ककरहिया ब्रम्हदेव बाबा स्थान पर श्रीराम कथा का हुआ आयोजन
ककरहिया ब्रम्हदेव बाबा स्थान पर श्रीराम कथा का हुआ आयोजन
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
होम करन लागे मुनि झारी,
आपु रहे मख की रखवारी।
सुनि मारीच निशाचर क्रोही,
लै सहाय धावा मुनि द्रोही।
बिनु फर बान राम तेहिं मारा,
सत जोजन गा सागर पारा।।........कथावाचक पं0 सूरज मिश्रा
परसपुर गोण्डा।। विकास खण्ड परसपुर तुलसीधाम मार्ग पर ककरहिया ब्रम्हदेव बाबा के स्थान पर सात दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। इस बारे में पूरे दौलत निवासी हरीश सिंह ने बताया कि उक्त श्रीराम कथा में अवध धाम से पधारे कथाव्यास पंडित सूरज मिश्रा के मुखारविंद से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी की कथा का रसास्वादन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार की रात भगवान जन्म उपरांत श्रीराम,लक्ष्मण,भरत एवं शत्रुघ्न की बाल लीला का बड़ा ही मार्मिक प्रसंग सुनकर श्रोतागण मंत्रमुग्ध हो गये। कथाव्यास ने भगवान श्रीराम की बाललीला के साथ साथ गुरु विश्वामित्र के द्वारा राजा दशरथ से श्रीराम व लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगा, जिसपर चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ ने समझाने की बहुत कोशिश की परन्तु विश्वामित्र नही माने और कहा कि जो काम श्रीराम से होना है उसे आप अथवा आपकी सेना कदापि नही कर सकती है।आखिरकार राजा दशरथ ने विवश होकर श्रीराम व लक्ष्मण को विस्वामित्र के साथ भेजने को तैयार हो गये।मुनि विश्वामित्र के साथ उनके यज्ञ की रक्षार्थ जाते समय रास्ते मे ताड़का नामक राक्षसी का वध करना, तथा ऋषि मुनियों को निशाचरों के भय से मुक्त करके यज्ञ को निर्विघ्न सम्पन्न कराने के साथ साथ धनुष विद्या में निपुण होने की कथा का वर्णन किया।अंत मे भगवान श्रीराम की आरती तथा प्रसाद वितरण किया गया।
इस दौरान ब्रम्हचारी बाबा स्थान के पुजारी भगौती बाबा, आर बी सिंह,शिवबहादुर सिंह,राजेश सिंह,भोला सिंह,हरीश सिंह सहित भारी संख्या में महिला पुरुष श्रद्धालुओं ने श्रीराम कथा का रसास्वादन किया।

