ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाई गई सरयू जयंती
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाई गईसरयू जयंती
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर गोण्डा।। ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर राजापुर स्थित तुलसी बाबा तट पर सनातन धर्म परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य के नेतृत्व में तुलसी जन्मभूमि मंदिर के समीप प्रवाहित सरयू नदी का विधि-विधानपूर्वक पूजन एवं भव्य आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मां सरयू का पूजन कर सुख-समृद्धि और लोककल्याण की कामना की।
सोमवार की सायंकाल आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने फल, फूल, मिठाई, अक्षत, रोली एवं चंदन से सुसज्जित पूजन थाल के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरयू की आरती उतारी। पूजन-अर्चन के उपरांत प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मां सरयू की पूजन करते डॉ स्वामी भगवदाचार्य व अन्यइस अवसर पर डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने कहा कि ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाई जाने वाली सरयू जयंती का सनातन परंपरा में विशेष महत्व है। विशेष रूप से अयोध्या में यह पर्व अत्यंत श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु के नेत्रों से निकले प्रेमाश्रुओं से मां सरयू का प्राकट्य हुआ था। इसी कारण सरयू को 'नेत्रजा' भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि सरयू नदी मोक्षदायिनी एवं पवित्रता की प्रतीक मानी जाती है तथा इसके दर्शन, स्नान और पूजन से पुण्य की प्राप्ति होती है।
उक्त कार्यक्रम में रामकुमार सोनी, सांवल प्रसाद चौधरी,जगदीश सोनी, प्रिंस सोनी, गोमती सिंह, रमाकांत त्रिपाठी, मोहित पाण्डेय, सहित क्षेत्र के अनेक ग्रामीण एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

