गोस्वामी तुलसीदास जन्मस्थली के जीर्णोद्धारकर्ता श्यामकिशोर तिवारी का भव्य अभिनंदन
गोस्वामी तुलसीदास जन्मस्थली के जीर्णोद्धारकर्ता श्यामकिशोर तिवारी का भव्य अभिनंदन
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर गोण्डा।। विकास खण्ड परसपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत राजापुर स्थित श्रीरामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की पावन जन्मस्थली पर भव्य मंदिर के जीर्णोद्धार एवं नव निर्माण कार्य को लेकर क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। इस पुनीत कार्य का दायित्व बलरामपुर निवासी एवं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्यामकिशोर तिवारी ने अपने हाथों में लिया है, जिसकी सराहना केवल परसपुर क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे देवीपाटन मंडल और प्रदेश स्तर पर भी की जा रही है।
तुलसी जन्मस्थली के पुनरुद्धार के इस ऐतिहासिक कार्य से प्रभावित होकर नगर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शाखा की संचालिका अनामिका बहन के नेतृत्व में क्षेत्रीय श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों ने श्यामकिशोर तिवारी का जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया। स्वागत समारोह में लोगों ने उन्हें अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया।
श्यामकिशोर तिवारी जी का सम्मान करते शिवभक्तइस अवसर पर श्यामकिशोर तिवारी ने भावुक शब्दों में कहा कि यह कार्य प्रभु श्रीराम एवं पूज्य गुरुदेव की प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीराम स्वयं वर्षों तक टेंट में विराजमान रहे, तब तुलसीदास जी की जन्मस्थली की उपेक्षा उन्हें भीतर तक व्यथित करती थी। जैसे ही अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर साकार हुआ, उसी समय उनके मन में तुलसीदास जी के मंदिर निर्माण का संकल्प जागृत हुआ और कार्य प्रारंभ हो गया।
श्यामकिशोर तिवारी को धन्यवाद देते आदर्श तिवारी आजाद
उन्होंने इस धार्मिक अभियान का श्रेय राजापुर चौधरी पुरवा निवासी सांवल प्रसाद चौधरी को देते हुए कहा कि वे हनुमानजी की तरह पूरी निष्ठा से सेवा कर रहे हैं तथा भगवान श्रीकृष्ण के समान मार्गदर्शक बनकर हर कदम पर सहयोग दे रहे हैं।
कार्यक्रम में डॉ. एस.सी. त्रिपाठी, जगदीश सोनी, सांवल प्रसाद चौधरी, दयाशंकर कौशल, शिवशंकर सोनी, इंद्रप्रकाश शुक्ला, आदर्श तिवारी ‘आजाद’, विवेक तिवारी, डॉ. शिवकुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं शिवबाबा के भक्त उपस्थित रहे। सभी ने मंदिर निर्माण के इस पुण्य कार्य के लिए श्यामकिशोर तिवारी का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।




