"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधरोपित के दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
"एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के तहत पौधरोपित के दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर गोण्डा।। नगर पंचायत परसपुर स्थित महाकवि तुलसीदास महाविद्यालय में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा वृक्षारोपण शिविर का आयोजन किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ0 बीना सिंह व एनएसएस की कार्यक्रमाधिकारी सीमा तिवारी ने टिकोमा और तुन के पौधों का पौधरोपण कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया। वृक्षारोपण के पश्चात आयोजित संगोष्ठी में डॉ0 सीमा तिवारी ने वृक्षारोपण के महत्व और इसके पर्यावरणीय सुधार में योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण को संरक्षित करता है, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। पेड़-पौधे न केवल धरती को हरा-भरा बनाए रखते हैं, बल्कि ऑक्सीजन का प्रमुख स्रोत भी होते हैं, जो जीवन के लिए अनिवार्य है। वृक्षारोपण से न केवल वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है, बल्कि इससे वायु प्रदूषण भी कम होता है।
उक्त कार्यक्रम के दौरान टिकोमा, बोगेनवेलिया, नीम, तुन, गुलमोहर, पपीता और अमलताश जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इन पौधों से पर्यावरण को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। नीम अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है, वायुमंडल को शुद्ध करने में सहायक है और इससे प्राप्त औषधियाँ विभिन्न रोगों का इलाज करने में सहायक होती हैं। गुलमोहर और अमलताश अपने सुंदर फूलों से न केवल सौंदर्य में वृद्धि करते हैं, बल्कि यह भी प्रदूषण को कम करने में सहायक होते हैं। पपीता जो स्वास्थ्यवर्धक फल प्रदान करता है, मानव शरीर के लिए अत्यंत पौष्टिक होता है। इसके अलावा, इन पौधों की जड़ें मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायक होती हैं, जिससे धरती की उर्वरता बनी रहती है। डॉ0 सीमा तिवारी ने विद्यार्थियों और शिक्षकगण को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
तदुपरान्त डॉ0 सीमा तिवारी के नेतृत्व में एनएसएस के स्वयंसेवक सैफ आलम,आनंद सोनी,आशुतोष वर्मा,रामगोपाल,आयुषी शुक्ला, शबनम बानो,प्रीति तथा सानिया ने "एक पेड़ माँ के नाम" संदेश के साथ किए गए इस वृक्षारोपण ने महाविद्यालय में एक नई स्फूर्ति का संचार किया।
इस अवसर पर डॉ0 श्रेयशी ठाकुर, डॉ0 ज्योतिबाला पाण्डेय, डॉ0 दयाशंकर मिश्र, नरेन्द्रनाथ पाण्डेय, रेवतीरमण सिंह सहित तमाम एनएसएस के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।



