आम के बागानों में सूटी मोल्ड की समस्या और समाधान
आम के बागानों में सूटी मोल्ड की समस्या और समाधान
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर गोण्डा।। आम के बागानों में पत्तियों, टहनियों और बौर पर काली कालिख जैसी परत दिखाई देना एक गंभीर समस्या है। पहली नजर में यह फफूंद रोग लगती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह सूट्टी मोल्ड है, जो सीधे बीमारी नहीं बल्कि हॉपर, मिलीबग, स्केल और एफिड जैसे चूसक कीटों के हनीड्यू पर पनपती है। इसके कारण बौर चिपचिपे हो जाते हैं, प्रकाश संश्लेषण कम होता है, फूल झड़ते हैं और फल कम लगते हैं।
इस समस्या के समाधान के लिए एडीओएजी अनूप सिंह चौहान ने बताया कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले चूसक कीटों का नियंत्रण जरूरी है। इसके लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL 0.3 मिली/लीटर, या थायामेथोक्साम 25 WG 0.25 ग्राम/लीटर, या डायमिथोएट 30 EC 1 मिली/लीटर पानी में घोलकर सुबह या शाम हल्की फुहार के साथ छिड़काव करें, आवश्यकता अनुसार 7–10 दिन बाद दोहराएँ। कीट नियंत्रण के 3–4 दिन बाद काली परत हटाने के लिए कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 WP 2.5 ग्राम/लीटर या कार्बेन्डाजिम 50 WP 1 ग्राम/लीटर का छिड़काव करें, जिससे काली परत सूखकर गिरने लगती है। साथ ही पेड़ों के नीचे चींटियों का नियंत्रण करें, हवादार छंटाई करें और अधिक नाइट्रोजन खाद से बचें। बौर निकलते समय और फूल अवस्था में विशेष सावधानी रखें तथा तेज धूप या हवा में छिड़काव न करें। समय पर सही उपाय अपनाने से फूल झड़ने की समस्या कम होती है और आम की पैदावार बढ़ाई जा सकती है।

