समाजसेवी राहुल सिंह चौहान नन्दिनी निकेतन पहुंचकर की गुरुदेव ऋतेश्वर जी की आरती, फिर किया कथा का श्रवण
समाजसेवी राहुल सिंह चौहान नन्दिनी निकेतन पहुंचकर की गुरुदेव ऋतेश्वर जी की आरती, फिर किया कथा का श्रवण
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
गोण्डा।। जनपद गोण्डा अंतर्गत नवाबगंज नन्दि
नी नगर स्थित माता नन्दिनी मन्दिर नन्दिनी निकेतन में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के नेतृत्व में राष्ट्र कथा का आयोजन किया गया। इस आयोजित राष्ट्र कथा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्तगण कथा पाण्डाल में पहुंचकर कथा का रसास्वादन कर रहे है।
इसी क्रम में विकास खण्ड परसपुर के ग्राम वैसनपुरवा निवासी वरिष्ठ समाजसेवी राहुल सिंह चौहान अपने सैकड़ों सहयोगी भक्तों को लेकर शुक्रवार को कथा पाण्डाल में पहुँचे। तदुपरांत उन्होंने भगवान लड्डू गोपाल सहित कथाव्यास परम् पूज्य गुरुदेव श्री ऋतेश्वर जी महाराज की आरती की। इसके पश्चात कथा पंडाल में बैठकर श्री ऋतेश्वर जी महाराज के मुखारबिंद से अमृतमयी कथा का रसास्वादन किया।
कथा श्रवण करते राहुल सिंह चौहान तथा गजेंद्र सिंह पसकाइस सम्बंध में समाजसेवी राहुल सिंह चौहान ने कहा कि हमारे नेताजी पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा सनातन धर्म को जन जन तक पहुंचाने को लेकर यह बहुत ही बड़ा एवं सार्थक प्रयास किया गया है। जोकि अवध क्षेत्र की पावन धरती पर नन्दिनी माता मंदिर नन्दिनी निकेतन के विशाल परिसर में परमपूज्य गुरुदेव स्वामी ऋतेश्वर महराज जी के मुखारविंद से इस राष्ट्रकथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है।जहाँ विभिन्न जनपदों से श्रद्धालु भक्तगण पहुंचकर इस कथा का अनुसरण कर अपने जीवन को धन्य कर रहे हैं।
कथा पूर्व गुरुदेव कथाव्यास का पूजन करते ब्रजभूषण शरण सिंहउन्होंने कहा कि भक्तगणों को कथा पण्डाल तक पहुंचाने के लिये वाहनों का समुचित प्रबन्ध किया गया है। जोकि निश्चित समय पर सभी भक्तों को कथा पंडाल में पहुंचाने का काम कर रही है।वहीं सुरक्षा एवं यातायात को सुगम बनाने के लिये भारी संख्या पुलिस प्रशासन के साथ कार्यकर्ता भी पूर्णतया मुस्तैद है।ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
समाजसेवी राहुल सिंह चौहान की क्षेत्रीय आमजन से विशेष अपील...........
श्री राहुल ने क्षेत्र की आमजनता से अपील करते हुये कहा कि सभी सनातन बन्धु नेताजी द्वारा आयोजित इस राष्ट्रकथा मे पधारकर परमपूज्य गुरुदेव स्वामी ऋतेश्वर जी महाराज की अमृतमयीवाणी से भगवान की मनोरम गाथा को अनुश्रवण कर अपने जीवन को कृतार्थ कर पूण्य के भागीदार बनें।




