श्री दुग्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन, कलियुग महात्म्य का हुआ भावपूर्ण वर्णन
श्री दुग्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन, कलियुग महात्म्य का हुआ भावपूर्ण वर्णन
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर गोण्डा।। नगर पंचायत परसपुर के अंजही मोहल्ला स्थित श्री दुग्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के तृतीय दिवस पर अवध धाम से पधारे कथाव्यास पं. सूरज जी महाराज ने अपने मुखारविंद से कलियुग के महात्म्य का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
कथा पंडाल में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़कथाव्यास ने बताया कि राजा परीक्षित ने कलियुग को अपने राज्य से बाहर जाने का आदेश दिया। इस पर कलियुग ने उनके चरणों में गिरकर राज्य में रहने हेतु एक स्थान देने की प्रार्थना की। तब राजा परीक्षित ने उसे जुआ, मदिरापान और अनैतिक कार्यों वाले स्थानों पर निवास करने की अनुमति दी।
श्रीमद्भागवत कथा सुनते मुख्य यजमान हरिशंकर गुप्ताकथा के दौरान कलियुग ने अपने एक विशेष गुण का भी उल्लेख किया, जिस पर राजा परीक्षित के पूछने पर उसने कहा— “कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिरि सुमिरि नर उतरय पारा।” अर्थात इस युग में भगवान के नाम स्मरण मात्र से ही मनुष्य भवसागर से पार हो सकता है।
इस अवसर पर मुख्य यजमान हरिशंकर गुप्ता, आचार्य उदयनरायन मिश्रा, रामप्रसाद काका, रामकुमार कौशल, बड़के यज्ञसैनी, भगवान दास गुप्ता, राधेश्याम गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और कथा का रसपान किया।


