भागवत कथा में गोवर्धन पूजा व रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने बांधा समां
भागवत कथा में गोवर्धन पूजा व रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने बांधा समां
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर गोण्डा।। नगर स्थित दुग्धेश्वर नाथ मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस श्रद्धालुओं ने भक्ति और भाव के अद्भुत संगम का अनुभव किया। कथावाचक पं. सूरज जी महाराज ने गोवर्धन महाराज को छप्पन भोग अर्पित कराने के साथ विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए गोपियों के यमुना स्नान प्रसंग को अत्यंत रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। कथा में बताया कि किस प्रकार श्रीकृष्ण ने गोपियों के वस्त्र कदम्ब के वृक्ष पर रखकर उन्हें मर्यादा का संदेश दिया। गोपियों द्वारा विनम्र निवेदन एवं भविष्य में मर्यादा पालन का संकल्प लेने के बाद भगवान ने उनके वस्त्र वापस किए। इस प्रसंग ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
इसके उपरांत कथावाचक ने भगवान श्रीकृष्ण एवं रुक्मिणी विवाह का मनोहारी वर्णन किया। कथा के साथ प्रस्तुत झांकी ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वैवाहिक गीतों पर उपस्थित जनसमूह ने भक्तिभाव से भरकर आनंद उठाया।
कार्यक्रम में आचार्य पं. उदयनारायण मिश्रा, हरिशंकर गुप्ता, राधेश्याम, भगवानदास, चिरौंजी लाल, सूर्यलाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।



