युद्ध की आंच के बीच पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, परसपुर में पंपों पर लंबी कतारें
युद्ध की आंच के बीच पेट्रोल-डीजल संकट गहराया, परसपुर में पंपों पर लंबी कतारें
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर गोण्डा। अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध की ज्वाला के बीच देश में ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने के संकेत अब ग्रामीण इलाकों तक दिखाई देने लगे हैं। जनपद गोण्डा सहित विकास खण्ड परसपुर में भी डीजल-पेट्रोल की कमी का असर साफ नजर आया, जहां वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बुधवार शाम लगभग चार बजे से परसपुर के एक पेट्रोल पंप पर दुपहिया और चौपहिया वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो देर रात तक बढ़ती रहीं। देखते ही देखते स्थिति ऐसी हो गई कि लोग अपने वाहनों के साथ-साथ बड़े-बड़े डिब्बे, जरीकेन और ड्रम लेकर भी पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे।
डीजल-पेट्रोल की कमी की खबर क्षेत्र में जंगल में आग की तरह फैल गई, जिसके चलते अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पंप संचालक ने डिब्बों और ड्रमों में तेल देने पर रोक लगा दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले उन ग्राहकों को ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा जो अपने वाहनों के साथ पंप पर पहुंचे हैं।
कई पेट्रोल पंपों पर तो दोपहर बाद ही तेल समाप्त होने की बात कहकर ग्राहकों को बैरंग लौटाया जाने लगा। इससे लोगों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई। पीड़ित लोगों का कहना है कि जहां एक ओर वे पहले से ही घरेलू गैस की किल्लत झेल रहे थे, वहीं अब डीजल-पेट्रोल की कमी ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
वहीं, पंप संचालकों का कहना है कि जब तक उनके पास ईंधन का स्टॉक उपलब्ध रहेगा और आगे से आपूर्ति मिलती रहेगी, तब तक सभी ग्राहकों को नियमित रूप से तेल उपलब्ध कराया जाता रहेगा।
(स्थिति पर प्रशासन की नजर, आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद)


