गुरु तेग बहादुर जी की 385वीं शहादत शताब्दी पर नैतिक शिक्षा परीक्षा सम्पन्न
गुरु तेग बहादुर जी की 385वीं शहादत शताब्दी पर नैतिक शिक्षा परीक्षा सम्पन्न
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
कर्नलगंज गोण्डा।। हिंदू धर्म के रक्षक, "धर्म की चादर" और त्याग-बलिदान के महान प्रतीक धन्य-धन्य गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 385वीं शहादत शताब्दी को समर्पित नैतिकशिक्षा परीक्षा-2025 का आयोजन शनिवार 30 अगस्त को किया गया।
इस परीक्षा में 1400 बच्चों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 1285 विद्यार्थियों ने सम्मिलित होकर गुरु जी के इतिहास और उनके बलिदान को जानने का अवसर प्राप्त किया।
परीक्षा का सफल संचालन गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा कर्नलगंज के सहयोग से हुआ। करनैलगंज क्षेत्र के 11 विद्यालयों एवं कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बनाए गए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्किल कर्नलगंज के सभी सदस्य—
सरदार भूपेंद्र सिंह सलूजा, डॉ. पुनीत सिंह, रमनदीप सिंह, देवेंद्र सिंह, नवनीत सिंह, हरजीत सिंह, इंद्रप्रीत सिंह, रतनदीप सिंह, हरप्रीत सिंह, डॉ. हरमीत सिंह, ज्ञानी वीरेंद्र सिंह, मनदीप सिंह, भूपेंद्र जीत सिंह, अवनीत कौर, जसपाल सिंह, सहेंद्रपाल सिंह, रौनक सिंह, अमन सिंह, सिमरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, परमीत कौर, बलदीप कौर, पाल्विन कौर, बलजीत कौर, मनदीप कौर, जसलीन कौर, देवेंद्र कौर, जसदीप सिंह, दलजीत कौर, मनजीत कौर, कोमल सिंह, गगनदीप सिंह, कर्मवीर सिंह और दीप सिंह सहित सभी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत रही।
गौरतलब है कि आगामी 25 नवंबर को गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहादत जयंती देशभर में श्रद्धा और नमन के साथ मनाई जाएगी।
दिल्ली के चाँदनी चौक में 1675 ईस्वी में उन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा हेतु अपना शीश समर्पित कर दिया। उसी समय उनके साथ भाई मती दास जी, भाई दयाला जी और भाई सती दास जी ने भी अमानवीय यातनाएँ सहते हुए अपने प्राण धर्म की रक्षा में न्यौछावर किए।
गुरु साहिब के इस अप्रतिम बलिदान को आज पूरा देश सत्-सत् नमन करते हुए स्मरण कर रहा है।




