जीवन की पाठशाला में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों हैं हम – बी.के. अनामिका बहन
जीवन की पाठशाला में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों हैं हम – बी.के. अनामिका बहन
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
परसपुर, गोंडा।। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सेवा केन्द्र परसपुर में शिक्षक दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने राजयोग शिक्षिका बी.के. अनामिका बहन को विभिन्न पौधे भेंटकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बी.के. अनामिका ने कहा कि जीवन स्वयं एक पाठशाला है, जहाँ हर व्यक्ति कभी शिक्षक बनता है तो कभी विद्यार्थी। हम एक-दूसरे के अनुभवों और गलतियों से सीखते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा चाहे छोटे से छोटे व्यक्ति से भी मिले, हमें अहंकार छोड़कर उसे अपनाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सही शिक्षा आचरण से मिलती है, केवल शब्दों से नहीं। दूसरों की गलतियों से सीखना ही वास्तविक शिक्षा है। यदि हम इस सिद्धांत को अपनाएँ तो निश्चित ही एक दिव्य और आदर्श समाज का निर्माण कर सकते हैं।
इस अवसर पर बी.के. डॉ. सुरेश चंद्र तिवारी, राधेश्याम मिश्रा, कमला प्रसाद सिंह, अनूप सिंह, मिथलेश सिंह, पूनम चतुर्वेदी, उमा लक्ष्मी, बबिता, मन्ना, आशा, प्रभा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।


