जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नगर पालिका कर्नेलगंज में आयोजित "नागरिक संगम" कार्यक्रम
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नगर पालिका कर्नेलगंज में आयोजित "नागरिक संगम" कार्यक्रम
रिपोर्ट:- आर के मिश्रा
गोण्डा।। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को सुदृढ़ बनाने और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए "नागरिक संगम" कार्यक्रम की शुरुआत की। इसी क्रम में शनिवार को नगरपालिका परिषद करनैलगंज के परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
👉*समस्याओं का मौके पर समाधान........
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने व्यक्तिगत रूप से नागरिकों की शिकायतें सुनीं और कई मामलों का समाधान मौके पर ही सुनिश्चित किया। उनका यह कदम जनपद में प्रशासन को जनता के करीब लाने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने का प्रयास है। जिलाधिकारी ने कहा, “सभी समस्याओं का समाधान समयबद्ध और प्रभावी तरीके से करना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्वच्छता और जनसुविधाओं को बनाए रखना हमारा कर्तव्य है।”
👉*प्रमुख शिकायतों का निस्तारण और स्थलीय निरीक्षण......
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों ने नगरपालिका द्वारा बनाकर तैयार की गई दुकानों के आवंटन के संबंध में शिकायत अवगत कराई गयी। जिस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही अपर जिलाधिकारी को जांच कर नियमानुसार दुकानों का आवंटन कराने के निर्देश दिये हैं। कार्यक्रम के बाद वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वच्छता सुनिश्चित करने, अतिक्रमण हटाने और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया।
👉*अन्य विभागीय कार्रवाइयां.......
कार्यक्रम में नगर पालिका, स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, और समाज कल्याण विभाग के शिविर लगाए गए, जहां नागरिकों की शिकायतों का निस्तारण किया गया। विद्युत विभाग ने मीटर संबंधित शिकायतों को मौके पर हल किया।
👉*सफल कार्यक्रम के लिए जिलाधिकारी की पहल........
"नागरिक संगम" के दौरान जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ गंभीरता से लें और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
उक्त कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, एसडीएम करनैलगंज भारत भार्गव, तहसीलदार मनीष कुमार, अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्र सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। उनकी सक्रियता और समन्वय से यह कार्यक्रम सफल रहा।
जिलाधिकारी की यह अनोखी पहल प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। उनकी त्वरित कार्रवाई और निर्णय लेने की क्षमता ने जनपद गोण्डा में प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा दी है।


